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■ सामग्री : खजूर [Dates Dry Fruits] खजूर को ‘सर्दियों का मेवा’ कहा जाता है। पूर्णरूप से परिपक्व खजूर मांसल एवं नरम होती है और सेवन हेतु उत्तम मानी जाती है। ■ उपयोग विधि [Khajur Kitna Khaye, Kaise Khaye] बड़े ३ से ५ एवं बच्चे २ से ४ खजूर अच्छी तरह धोकर रात को भिगो के सुबह खायें। ■ कुछ वैज्ञानिक तथ्य १०० ग्राम खजूर में ८०४ मि.ग्रा. पोटैशियम, ३ मि.ग्रा. सोडियम, ३ मि.ग्रा. लौह तत्त्व, ७४ मि.ग्रा. मैग्नेशियम तथा ७३ मि.ग्रा. फॉस्फोरस पाया जाता है। Khajur Benefits in Hindi [Khajur Ke Fayde] लाभ : १३२ प्रकार की बीमारियों को जड़ से उखाड़नेवाला, त्रिदोषनाशक खजूर तुरंत शक्ति स्फूर्ति देनेवाला, रक्त मांस व वीर्य की वृद्धि करनेवाला, कब्जनाशक, कान्तिवर्धक, हृदय व मस्तिष्क का टॉनिक है। शरीर की मजबूती के लिए रात को ५ खजूर पानी में भिगा दो। सुबह दूध के साथ या घी के साथ या ऐसे ही लो। इससे लौह तत्व व कैल्शियम बढ़ेगा। महीने में १०-१५ दिन खाओ । इससे शरीर की कमजोरी दूर होगी। ये शरीर के सभी अंगों को मजबूत करता है। इनमें अत्यधिक प्राकृतिक शर्करा पायी जाती है। दूध में चीनी मिलाने की अपेक्षा भिगोये हुए २-३ खजूर पीसकर मिलाना शरीर के लिए हितकारी है। आंतों में जो हानिकारक जीवाणु (bacteria) होते हैं उन्हें ये नष्ट करता है। पेट व आंतों के संक्रमण, कब्ज आदि समस्याओं में यह लाभदायी है। ये रोगप्रतिरोधक क्षमता व पाचनशक्ति को बढ़ानेवाला होता है। ये हृदय व मस्तिष्क को शक्ति देता है। रक्त को बढ़ाकर रक्ताल्पता (anaemia) को दूर करता है। महिलाओं के लिए, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए ये बहुत गुणकारी होता है। शराबी के शरीर में जो हानिकारक तत्त्व छुपे हैं उन्हें निकालने में भी खजूर काम करेगा। जिनको नशा करने से शरीर में हानि हो गयी है, अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ रही है ऐसे लोग भी खजूर के द्वारा जहर को निकालकर स्वास्थ्य पा सकते हैं। खाना हजम नहीं होता, डकारें आती हैं – इन समस्याओं को भी खजूर दूर करता है। इसमें विटामिन ‘ए’ व बी-१, बी-२, बी-३, बी-५ पाये जाने से आँखों, त्वचा व आँतों के लिए विशेष लाभदायी है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने व रतौंधी में लाभदायी है। प्रचुर मात्रा में लौह तत्त्व, पोटैशियम, कैल्शियम, मैंगनीज, ताँबा आदि खनिज तत्त्व होने से यह हड्डियों, दाँतों, मांसपेशियों एवं नाड़ी-तंत्र को मजबूत बनाने में उपयोगी है। खजूर रात को भिगो दें, सुबह उन्हें मसलकर एकदम रसमय बना के सेवन करें तो रक्त बढ़ेगा, मांसपेशियाँ मजबूत होंगी और साथ-साथ में धातु की दुर्बलता भी दूर होगी। कैंसर से सुरक्षा करने में सहायक है। इसमें फैटी एसिड्स व प्रचुर मात्रा में रेशे पाये जाते हैं जिससे यह हृदयरोग, कब्ज, आँतों के कैंसर आदि विभिन्न रोगों से रक्षा करता है। इसके सेवन से वजन व बल बढ़ता है। यह आमाशय को बल देता है, सूखी खाँसी, क्षयरोग आदि रोगों में लाभदायक है। स्वप्नदोष तथा विभिन्न व्याधियों के कारण उत्पन्न दुर्बलता, हृदय की कमजोरी व रक्ताल्पता (anaemia) में यह बहुत ही लाभदायी है। कब्ज-निवारण हेतु, जिसका पेट साफ नहीं होता वह रात को २०० मि.ली. पानी में ८-१० खजूर भिगो दे। सुबह ३०० मि.ली. पानी और डाल के खजूर को मसल के गुनगुना करे और चाय की नाईं चुसकी ले के पिये। यह प्रयोग २-४ दिन करे। इससे आंतें बलशाली, शक्तिशाली होती हैं और पाचक रस ज्यादा बनने से भोजन भी अच्छी तरह से पचाती हैं। बच्चों को दाँत आते हैं उस समय या तो जुलाब हो जाते हैं या पेचिश हो जाती है। ऐसे में खजूर और शहद अच्छी तरह से खूब रगड़-रगड़ के मिला के दिन में २-३ बार आधा-आधा चम्मच चटा देवें। बच्चों के दस्त, पेचिश सब ठीक हो जायेंगे। खजूर में शीघ्र पचनेवाली शर्करा जैसे कि ग्लूकोज व फ्रुक्टोज प्रचुर मात्रा में पायी जाती है। इसके सेवन से शीघ्र ही ऊर्जा का संचार होता है। खजूर का सेवन बालों को लम्बा, घना और मुलायम बनाता है। खजूर यकृत (लीवर) के रोगों में लाभकारी है। रात्रि को ४-५ खजूर पानी में भिगो दें। सुबह शहद के साथ मिलाकर १०-१५ दिन लेने से यकृत (लीवर) स्वस्थ होता है | मलावरोध में रात को खजूर भिगोकर सुबह दूध के साथ लेने से पेट साफ हो जाता है। पौष्टिक खजूर की खीर : रातभर पानी में भीगे ५ से ७ खजूर मसल कर २०० मि.ली. दूध में धीमी आँच पर उबालें (इलायची, १-२ भीगे पीसे बादाम मिला सकते हैं) कमर-दर्द, गृध्रसी (sciatica) और मस्तिष्क-दौर्बल्य को दूर करने के लिए खजूर-तिल पाक बहुत लाभदायी है। पूज्य बापूजी कहते हैं – खजूर की पाचक चटनी खा लो फिर देखो तुम कितनी रोटी हजम करते हो ! इससे पेट भारी नहीं रहता है। यह चटनी पौष्टिक और बलप्रद भी है। नोट : बनाने की विधि एवं पूर्ण लाभ पढ़ें ऋषि प्रसाद में। ■ Precautions [सवधानियाँ ] होली के बाद खजूर खाना हितकारी नहीं है।

